वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट को जहाजों की आवाजाही के लिए सुनिश्चित करने के लिए मिशन स्टार्ट कर दिया है। कुछ घंटे पहले ही अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के तट पर स्थित मिसाइल ठिकानों पर हमला किया है। मिडिल ईस्ट में अभियानों का संचालन करने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी जानकारी दी है। एक्स पर एक पोस्ट में सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि उसने ईरान के मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के बंकर बस्टर बम गिराए हैं।ईरानी मिसाइल साइट पर 5000 पाउंड के बम
सेंट्रल कमांड ने लिखा, 'कुछ घंटे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के तट पर स्थित ईरान के मजबूत मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के कई डीप पेनिट्रेटर बमों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया।' इसमें आगे कहा गया कि इन ठिकानों पर मौजूद ईरान की जहाज रोधी क्रूज मिसाइलों से (होर्मुज) स्ट्रेट में होने वाली अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को खतरा था।\अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करके यहां से होने वाले ऊर्जा व्यापार को रोकने की कोशिश की है। ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान के बीच से होने वाले इस संकरे समुद्री गलियारे से दुनिया का 20 फीसदी ऊर्जा निर्यात गुजरता है। भारत की भी ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर आता है।
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को खतरा
इस बीच रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि होर्मुज में ईरान की ऑपरेशन चलाने की क्षमता युद्ध को शायद महीनों तक लंबा खींच सकती है। ईरान ने इसके पहले कहा था कि उसने होर्मुज स्ट्रेट बंद नहीं किया गया है और अमेरिका-इजरायल को छोड़कर किसी जहाज के लिए खतरा नहीं है। हालांकि, हमले के डर से जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से बच रहे हैं। सेटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि होर्मुज स्ट्रेट के बाहर कई जहाज इंतजार कर रहे हैं, ताकि संभावित हमलों से बचा जा सके।होर्मुज संकट पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी और युद्ध विशेषज्ञ जॉन स्पेंसर ने होर्मुज स्ट्रेट को महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि इस चोकपॉइंट से खतरों को हटाना बेहद जरूरी है। चाहे वे जमीन के नीचे बनी मिसाइल साइट हों, ड्रोन या बोट के भंडारण स्थल हों, या फिर कोई अन्य खतरा हो।